
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
'A thousand mouths sing your glory.' So saying, the Lord of Lakshmi embraced him.