
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
Holding the Lord's ring in your mouth, it is no wonder that you crossed the ocean.