
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा॥
है परसिद्ध जगत उजियारा॥
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
Your glory is renowned throughout the four ages, and illuminates the world.