
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहिं बंदि महा सुख होई॥
छूटहिं बंदि महा सुख होई॥
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
श्री राम
Whoever recites this a hundred times is released from bondage and gains great bliss.